शैक्षणीक

जलगांव जिला परिषद स्कूलों में बढ़ती चीनी खपत रोकने हेतु ‘नो शुगर जागरूकता अभियान’ शुरू

जलगांव जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी मीनल करनवाल ( IAS ) ने जिला परिषद स्कूलों में 'नो शुगर' नामक अभिनव जन-जागरूकता पहल की शुरुआत की है।

जलगांव  जिला परिषद स्कूलों में ‘नो शुगर’ पहल की शुरुआत
जलगांव जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी मीनल करनवाल (आईएएस) ने स्कूली छात्रों में बढ़ती चीनी खपत और उससे होने वाले स्वास्थ्य दुष्प्रभावों को देखते हुए “नो शुगर” नामक जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत की है।
स्वास्थ्य संबंधी चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक चीनी का सेवन मोटापा, मधुमेह, दांतों की बीमारी और ह्रदय संबंधी समस्याओं का बड़ा कारण बन रहा है। स्कूली छात्रों में कोल्ड-ड्रिंक्स और मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन तेजी से बढ़ रहा है, जबकि अभिभावक अक्सर इस समस्या को गंभीरता से नहीं लेते।
अभियान की रूपरेखा
इस पहल के तहत जिले के सभी जिला परिषद विद्यालयों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में “चीनी निषेध” बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इन बोर्डों पर विभिन्न शीतल पेय पदार्थों में मौजूद अतिरिक्त चीनी की मात्रा स्पष्ट रूप से दर्शाई जाएगी। साथ ही छात्रों को प्रसंस्कृत चीनी के नुकसान और अत्यधिक सेवन से होने वाली बीमारियों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
सीईओ का बयान
मुख्य कार्यकारी अधिकारी मीनल करनवाल ने कहा, “‘नो शुगर’ पहल का उद्देश्य बच्चों को बचपन से ही स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना है। इससे वे प्रसंस्कृत चीनी के खतरों को समझेंगे और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। यह स्कूलों में उपयोगी सिद्ध होगी और छात्रों के भविष्य पर सकारात्मक तथा दीर्घकालिक प्रभाव डालेगी।”
अपेक्षित परिणाम
इस अभियान से छात्रों की खाने-पीने की आदतों में सुधार होगा और परिवारों तक भी स्वास्थ्य संबंधी संदेश पहुंचेगा। साथ ही, मधुमेह और मोटापा जैसी गंभीर जीवनशैली संबंधी बीमारियों की रोकथाम में मदद मिलेगी।
यह पहल शिक्षा के साथ स्वास्थ्य शिक्षा को जोड़ती है और स्कूली स्तर से ही बच्चों में संतुलित आहार और अच्छी जीवनशैली की नींव रखने का प्रयास है।

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