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जलगांव : पालक मंत्री गुलाबराव पाटील का सपना – रिंग रोड खस्ताहाल में तब्दील!

पालक मंत्री गुलाबराव पाटील के प्रयासों से जलगांव शहर के चारों ओर 40 किलोमीटर लंबा रिंग रोड बनाने की योजना कई साल पहले मंजूर हुई थी। परंतु, इसका निर्माण कार्य आज तक शुरू नहीं हुआ है। यह सपना अब तक केवल कागजों में ही सीमित है।पालक मंत्री के पाळधी गांव से शुरू होकर यह प्रस्तावित रिंग रोड फुपनगरी, ममुराबाद, आसोदा, तरसोद, नशिराबाद, कुसुंबा, मोहाडी और सावखेडा होते हुए फिर पाळधी को जोड़ने वाला था। पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) ने इसके लिए सर्वे भी पूरा कर लिया था और इस मार्ग को राज्य मार्ग क्रमांक 38 का दर्जा भी मिला था।रिंग रोड बनने से जलगांव शहर की ट्रैफिक समस्या कम होने और आसपास के गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद थी। लेकिन, विभाग की लापरवाही के कारण यह सड़क आज बेहद खराब हालत में है। जगह-जगह सड़क धंस चुकी है, बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं और डामरीकरण पूरी तरह उखड़ चुका है। थोड़ा-सा भी बारिश होने पर सड़क पर पानी भर जाता है जिससे वाहन चलाना मुश्किल हो जाता है।खराब सड़कों के कारण कई दोपहिया सवार घायल हो चुके हैं और खेतों से माल ढोने वाली गाड़ियां अक्सर दुर्घटनाग्रस्त होती हैं। वहीं, भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़क और भी टूट गई है।फुपनगरी-ममुराबाद-आसोदा-तरसोद मार्ग को राज्य मार्ग घोषित किया गया है, लेकिन हालत किसी ग्रामीण कच्चे रास्ते से भी बुरी है। सड़क के दोनों ओर की पट्टियाँ टूट चुकी हैं, झाड़ियों ने अतिक्रमण कर लिया है और रखरखाव पूरी तरह ठप है।लौकी नाले पर बना पुल तैयार तो है, लेकिन उससे जुड़ने वाले रास्तों का मजबूतीकरण और डामरीकरण अभी तक पूरा नहीं हुआ। पुल के स्लैब की सरियों तक खुल चुकी हैं। बरसात में पानी भरने से आवागमन ठप हो जाता है और लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ती है।फुपनगरी से ममुराबाद तक का काम हालांकि शुरू है, परंतु सड़क की गुणवत्ता पर किसी का ध्यान नहीं है। जलगांव के लोगों ने मंत्री पाटील के इस स्वप्निल रिंग रोड प्रोजेक्ट की दुर्दशा पर नाराजगी जताई है।

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