राज्य

​”५ दिसंबर को पूरे राज्य में ‘शिक्षकों की हुंकार’ एक बड़े आंदोलन की घोषणा।”

टीईटी, पुरानी पेंशन, और पदोन्नति जैसे सेवा-प्रश्नों पर शिक्षकों में भारी असंतोष; प्राथमिक शिक्षक संघ ने 5 दिसंबर को जिलाधिकारियों के कार्यालयों पर मोर्चा निकालने का किया ऐलान।

📢 महाराष्ट्र राज्य शिक्षक संघटना का 5 दिसंबर को राज्यव्यापी आंदोलन
​महाराष्ट्र राज्य शिक्षक संघटना समन्वय समिति (Maharashtra Rajya Shikshak Sanghatana Samanvay Samiti) की ओर से शिक्षकों, छात्रों और स्कूलों की प्रमुख मांगों को लेकर 5 दिसंबर को एक राज्यव्यापी आंदोलन आयोजित किया जाएगा। इस आंदोलन में महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ सक्रिय रूप से भाग लेगा। यह जानकारी प्राथमिक शिक्षक महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बालकृष्ण तांबारे ने दी।
​तांबारे ने बताया कि राष्ट्रीय प्राथमिक शिक्षक संघ और राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के नेता संभाजीराव थोरात के मार्गदर्शन में हाल ही में एक ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में शिक्षकों, छात्रों और स्कूलों की मांगों के लिए होने वाले राज्य स्तरीय आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लेकर इसे सफल बनाने का निर्णय लिया गया है।
​📌 आंदोलन की प्रमुख मांगें:
​यह एक दिवसीय लाक्षणिक हड़ताल (Token Strike) और राज्य के सभी जिलाधिकारी कार्यालयों पर मोर्चा निम्नलिखित विभिन्न मुद्दों पर केंद्रित है:
​शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से छूट: 2011 से पहले सेवा में शामिल हुए शिक्षकों को टीईटी से छूट दी जाए।
​पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करना: जुनी पेन्शन योजना तत्काल लागू की जाए।
​आश्वासित योजना लागू करना: शिक्षकों के लिए 10, 20, 30 वर्ष की आश्वासित प्रगति योजना (Assured Career Progression – ACP) लागू की जाए।
​संचमान्यता की त्रुटियां दूर करना: शिक्षकों की संख्या निर्धारण (संचमान्यता) में मौजूद कमियों को दूर किया जाए।
​पदोन्नति (Promotion): शिक्षा विस्तार अधिकारी, केंद्र प्रमुख और मुख्याध्यापक (प्रधान अध्यापक) की रुकी हुई पदोन्नति तुरंत की जाए।
​केवल शिक्षण कार्य: शिक्षकों को सिर्फ अध्यापन (पढ़ाने) का ही कार्य दिया जाए और गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाए।
​📑 टीईटी छूट की मांग का आधार:
​तांबारे ने यह भी स्पष्ट किया कि योग्यता के आधार पर सेवा में शामिल हुए शिक्षकों को टीईटी से छूट मिलनी चाहिए।
​देश में प्राथमिक शिक्षा अधिकार कानून (RTE Act) 1 अप्रैल 2010 को लागू हुआ था।
​इससे पहले, स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं में शिक्षकों का चयन क्षेत्रीय चयन बोर्डों (Regional Selection Boards) के माध्यम से परीक्षा आयोजित करके योग्यता और मेरिट के आधार पर किया जाता था।
​1 अप्रैल 2010 के बाद, राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद भोपाल (NCTE) ने शिक्षकों की भर्ती के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया।
​तांबारे के अनुसार, अप्रैल 2010 से पहले जो शिक्षक सेवा में शामिल हुए हैं, वे पहले से ही प्रतिस्पर्धा परीक्षा देकर योग्यता के आधार पर चयनित हुए हैं, इसलिए उन्हें टीईटी से छूट देना आवश्यक है।
​महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने इस एक दिवसीय लाक्षणिक हड़ताल और जिलाधिकारी कार्यालयों पर निकाले जाने वाले मोर्चे में सक्रिय रूप से भाग लेने का निर्णय लिया है।

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