एकनाथ खड़से अपशकुन साबित हुए’, मुक्ताईनगर हार का ठीकरा खड़से परिवार पर फोड़ा

गिरीश महाजन ने जलगांव जिले के मुक्ताईनगर नगरपरिषद चुनाव के नतीजे आते ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई। भाजपा की हार का इल्जाम मंत्री गिरीश महाजन ने खड़से परिवार पर लगाया। उनके तीखे बयान से जलगांव में महाजन बनाम खड़से का पुराना विवाद फिर गरमाया।चुनाव के दौरान पूरा जिला मुक्ताईनगर पर नजरें गड़ाए था। प्रचार में आरोप-प्रत्यारोप और तनाव चरम पर रहा। केंद्रीय राज्यमंत्री रक्षा खड़से की सक्रियता से यह चुनाव प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया। लेकिन विधायक चंद्रकांत पाटील की बेटी संजना पाटील ने 2,583 वोटों से नगराध्यक्ष पद जीता और विजयोत्सव मनाया। यह खड़से परिवार के लिए बड़ा राजनीतिक झटका है।
‘एकनाथ खड़से हमारे लिए अपशकुन’ महाजन ने एकनाथ खड़से पर सीधा हमला बोला, “एकनाथ खड़से हमारे लिए अपशकुन साबित हो गए।” वे बोले, “खड़से दंपति राष्ट्रवादी शरद पवार गुट में रहकर भाजपा मंच पर प्रचार करते हैं, यह कार्यकर्ताओं को नागवार गुजरा। इसी का फटका हमें लगा।”खड़से का राजनीतिक वजन खत्म महाजन ने खड़से परिवार की ताकत पर सवाल ठोके, “एकनाथ खड़से का अब कोई राजनीतिक वजन बाकी नहीं। उनकी बेटी दो बार विधानसभा लड़ी, दोनों बार भारी अंतर से हारी।” मुक्ताईनगर में भाजपा की सीट गंवाने पर उन्होंने खड़से परिवार को जिम्मेदार ठहराया। इन बयानों से जिले में हड़कंप मच गया। भाजपा की आंतरिक कलह और पुराने झगड़े भविष्य में और भड़क सकते हैं। मुक्ताईनगर का नतीजा जलगांव के राजनीतिक समीकरण बदलने वाला साबित हो रहा है।




