जलगांव मनपा चुनाव: एबी फॉर्म की गड़बड़ी से 135 नामांकन रद्द, भाजपा की पूर्व महापौर को अपक्ष बनकर लड़ना पड़ा

जलगांव महानगरपालिका चुनाव के लिए दाखिल किए गए 1038 नामांकन पत्रों की बुधवार को जांच की गई। जांच के दौरान तकनीकी त्रुटियों और राजनीतिक समन्वय की कमी के कारण 19 प्रभागों के कुल 135 नामांकन रद्द कर दिए गए। अब 903 नामांकन वैध घोषित हुए हैं।
इस प्रक्रिया में कई बड़े नेताओं को नुकसान हुआ। सबसे बड़ा झटका भाजपा की पूर्व महापौर जयश्री धांडे को लगा। उनके एबी फॉर्म पर जरूरी हस्ताक्षर नहीं होने के कारण उनका नामांकन रद्द कर दिया गया। हालांकि, उन्होंने पहले से अपक्ष उम्मीदवार के रूप में नामांकन भरा था, इसलिए अब वे भाजपा समर्थित अपक्ष उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगी।
इसी तरह शिवसेना (ठाकरे गुट) की डॉ. सुषमा चौधरी (प्रभाग 3-क) और नितिन जाधव (प्रभाग 9) के नामांकन भी एबी फॉर्म पर हस्ताक्षर न होने के कारण रद्द हुए। ठाकरे गुट के उम्मीदवारों के एबी फॉर्म पर डिजिटल हस्ताक्षर को लेकर भाजपा ने आपत्ति उठाई थी, लेकिन चुनाव अधिकारी ने यह आपत्ति खारिज कर दी।
प्रभाग 10 में भाजपा उम्मीदवार जाकिर खान रसूल खान के खिलाफ की गई शिकायत भी खारिज कर दी गई। इस फैसले के खिलाफ ठाकरे गुट के उम्मीदवार कुलभूषण पाटील ने अदालत जाने की चेतावनी दी है।
नामांकन के अंतिम दिन प्रशासन पर भारी दबाव रहा। चुनाव कर्मचारी रात 2:30 बजे तक काम करते रहे और सुबह 9 बजे से देर रात तक नामांकन की जांच चलती रही।
नाशिक में भी भाजपा में असंतोष:
दूसरी ओर, नाशिक महानगरपालिका चुनाव में भाजपा ने कई पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को टिकट नहीं दिया, जबकि ऐन वक्त पर पार्टी में आए नेताओं को मौका दिया गया। इससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी गई और कुछ ने पार्टी छोड़ दी। भाजपा ने कुल 23 नए (आयाराम) नेताओं को टिकट दिए हैं।
नाशिक मनपा की 122 सीटों के लिए 2357 नामांकन आए हैं। भाजपा ने 118 उम्मीदवार उतारे हैं, लेकिन प्रभाग 14 में एक भी उम्मीदवार नहीं दे पाई। कुछ परिवारों में एक से ज्यादा सदस्यों को टिकट मिलने से भी कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ा है।




