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अतिरिक्त शिक्षक समायोजन पर रोक की मांग: महाराष्ट्र राज्य शिक्षणसंस्था महामंडल का शिक्षा निदेशक को पत्र, अवमान याचिका की चेतावनी

नागपुर: महाराष्ट्र में अतिरिक्त शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के समायोजन को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। संच मान्यता सत्र 2025–26 के अनुसार अतिरिक्त शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारी समायोजन संबंधी 4 फरवरी 2026 को शिक्षा निदेशक (माध्यमिक व प्राथमिक), महाराष्ट्र राज्य, पुणे द्वारा जारी पत्र पर महाराष्ट्र राज्य शिक्षणसंस्था महामंडल ने तीव्र आपत्ति दर्ज की है।
महामंडल ने शिक्षा निदेशक को पत्र भेजकर प्रस्तावित समायोजन प्रक्रिया को तत्काल स्थगित करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि शासन निर्णय दिनांक 15 मार्च 2024 के अनुसार संच निर्धारण किया गया है। संबंधित पत्र में याचिका क्रमांक 5456/2025 को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा खारिज किए जाने का उल्लेख है, लेकिन नागपुर खंडपीठ में याचिका क्रमांक 3186/2025 अभी भी लंबित है, जिस पर न्यायालय ने ‘जैसे थे’ स्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं।
इसके अलावा, याचिका क्रमांक 4290/2016 एवं 5280/2016 में भी उच्च न्यायालय ने सर्वोच्च न्यायालय में लंबित याचिका क्रमांक 3334/2016 के निर्णय तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं, याचिका क्रमांक 5476/2025 के संदर्भ में सिंधुदुर्ग जिला शिक्षा संरक्षक चालक मंडल द्वारा एसएलपी क्रमांक 2479/2026 सर्वोच्च न्यायालय में दायर की गई है, जिसे प्रलंबित याचिका क्रमांक 3338/2016 के साथ टैग किया गया है।
महामंडल का कहना है कि इन सभी लंबित न्यायिक प्रकरणों और अदालत के आदेशों को ध्यान में रखते हुए 4 फरवरी 2026 के पत्र के आधार पर प्रस्तावित समायोजन प्रक्रिया को तुरंत रोका जाए। अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अवमान (Contempt of Court) याचिका दायर की जाएगी।
इस पूरे मामले के कारण राज्यभर में शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के बीच असमंज की स्थिति बनी हुई है। महाराष्ट्र राज्य शिक्षण संस्था महामंडल के सरकार्यवाह रविंद्र फडणवीस ने कहा है कि जब तक न्यायालय का अंतिम निर्णय नहीं आता, तब तक सरकार को किसी भी प्रकार की जल्दबाजी में कार्रवाई नहीं करनी चाहिए।

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