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पुणे जमीन घोटाला: एकनाथ खडसे दंपति के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी

   पुणे के भोसरी भूखंड घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे और उनकी पत्नी मंदाकिनी खडसे के खिलाफ विशेष सांसद-विधायक अदालत ने गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है।
यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि आरोप तय किए जाने की सुनवाई के दौरान खडसे दंपति अदालत में उपस्थित नहीं हुए।
31 करोड़ की जमीन, 3.75 करोड़ में खरीदने का आरोप
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुसार, सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए एकनाथ खडसे ने पुणे की भोसरी स्थित सरकारी जमीन को अपनी पत्नी मंदाकिनी खडसे और दामाद गिरीश चौधरी के नाम पर खरीदा।
आरोप है कि जिस जमीन की बाजार कीमत 31.01 करोड़ रुपये थी, उसे केवल 3.75 करोड़ रुपये में खरीदा गया।
इसी आधार पर ईडी ने खडसे दंपति सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है।
अदालत ने क्या कहा?
विशेष न्यायाधीश महेश जाधव ने सुनवाई से छूट मांगने वाली याचिका खारिज करते हुए कहा कि आरोप तय किए जाने की जानकारी आरोपी को पहले से थी।
साथ ही, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार सांसद-विधायक मामलों का त्वरित निपटारा किया जाना आवश्यक है।
मेडिकल कारण भी नहीं माने गए
खडसे दंपति ने गैरहाजिरी के लिए स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया था, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया।
न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि याचिका अस्पष्ट है, इसमें न तो बीमारी का स्पष्ट उल्लेख है और न ही कोई वैध मेडिकल दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं।
अंततः गैर-जमानती वारंट जारी
इन सभी कारणों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने एकनाथ खडसे और मंदाकिनी खडसे के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया।

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