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शिक्षकों के प्रमोशन के लिए TET अनिवार्य शिक्षा विभाग ने नियमों पर लगाई मुहर

​"सकारात्मक बदलाव की बुलंद आवाज़"

​      पुणे: महाराष्ट्र के स्कूली शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि शिक्षकों को पदोन्नति  पाने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। विभाग ने पुराने नियमों और सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का हवाला देते हुए इस पर अंतिम मुहर लगा दी है।
​किन पदों के लिए अनिवार्य है TET?
​शिक्षा विभाग के अनुसार, निम्नलिखित पदों पर पदोन्नति के लिए TET पास होना जरूरी है:
​स्नातक शिक्षक ,​मुख्याध्यापक ,​केंद्र प्रमुख , ​विस्तार अधिकारी
​निर्णय की मुख्य बातें:
​सुप्रीम कोर्ट का निर्देश: हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि नए उम्मीदवारों के साथ-साथ सेवा में कार्यरत शिक्षकों के लिए भी पदोन्नति हेतु TET अनिवार्य है।
​रिटायरमेंट और छूट: जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति (Retirement) में 5 साल से कम समय बचा है, उन्हें सेवा में बने रहने के लिए TET से छूट दी गई है। लेकिन, यदि वे पदोन्नति (Promotion) चाहते हैं, तो उन्हें भी TET उत्तीर्ण करना ही होगा।
​फिलहाल प्रमोशन पर रोक: शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब तक शिक्षक TET और अन्य आवश्यक योग्यताएं पूरी नहीं करते, तब तक उन्हें ऊपर बताए गए पदों पर पदोन्नति नहीं दी जाएगी।
​शिक्षकों का डेटा जुटाया जा रहा है
​केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के आदेश पर अब राज्य सरकार सभी शिक्षकों की जानकारी इकट्ठा कर रही है। इसमें निम्न श्रेणियों में डेटा मांगा गया है:
​2011 से पहले नियुक्त शिक्षक।
​2011 के बाद नियुक्त शिक्षक।
​TET उत्तीर्ण और अनुत्तीर्ण शिक्षकों की अलग-अलग संख्या।
​जिन्हें TET से छूट मिली है, उनकी जानकारी।
​निष्कर्ष: सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना TET पास किए अब प्रमोशन मिलना संभव नहीं होगा। विभाग अब राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) के अगले निर्देशों का इंतजार कर रहा है, लेकिन तब तक पुराने कड़े नियम ही लागू रहेंगे।

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