शैक्षणीक

प्रशासन की लापरवाही के कारण बच्चों के भविष्य पर संकट

"अधिकारियों की लापरवाही के खिलाफ, जनता के हक की बुलंद आवाज़।"

बुलढाणा जिले के संग्रामपुर से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है, जहां प्रशासन की लापरवाही के कारण बच्चों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। आइए इस पूरी रिपोर्ट को एक बेहतरीन और प्रभावी समाचार के रूप में देखते हैं:
​शिक्षक विहीन स्कूल पर भड़के अभिभावक; पहले ही दिन जड़ दिया ताला, शिक्षा विभाग पर खड़े हुए बड़े सवाल
​संग्रामपुर (बुलढाणा):
नए शैक्षणिक सत्र के पहले ही दिन जिला परिषद के शिक्षा विभाग की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। संग्रामपुर तालुका के सोनाला (सोनाजी नगर) स्थित उर्दू प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों के सभी पद खाली होने के कारण अभिभावकों के सब्र का बांध टूट गया। रोष से भरे ग्रामीणों और अभिभावकों ने स्कूल के मुख्य दरवाजे पर ताला जड़कर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
​क्या है पूरा मामला?
​यह स्कूल पहली से चौथी कक्षा तक का है, जिसमें कुल 85 छात्र नामांकित हैं। हैरानी की बात यह है कि नया सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूल में एक भी शिक्षक मौजूद नहीं है।
​पहले ही दी गई थी चेतावनी: स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सगीर खान ने 25 तारीख को ही एक लिखित निवेदन सौंपकर सत्र शुरू होने से पहले शिक्षकों की नियुक्ति करने की मांग की थी।
​प्रशासन की अनदेखी: जिला परिषद के शिक्षा विभाग ने इस गंभीर स्थिति को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया।
​अभिभावकों का फूटा गुस्सा: बार-बार गुहार लगाने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो स्कूल के पहले ही दिन अभिभावकों ने यह कड़ा कदम उठाया।
​ताला लगने के बाद भी सोता रहा प्रशासन
​अभिभावकों के इस उग्र प्रदर्शन और स्कूल में ताला लटकाए जाने के बाद भी संग्रामपुर पंचायत समिति के शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मौके पर आकर सुध लेने की जहमत तक नहीं उठाई। अधिकारियों के इस अड़ियल रवैये से नाराज होकर अभिभावक और मासूम बच्चे स्कूल के बाहर ही धरने पर बैठ गए हैं।
​”जब तक स्कूल में शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक ताला नहीं खोला जाएगा और स्कूल बंद ही रहेगा।”
— आंदोलनकारी अभिभावक
​पिछले सत्र से चल रही है मांग
​ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले शैक्षणिक सत्र से ही इस स्कूल में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की मांग की जा रही है। शिक्षा विभाग ने पदों को भरने के बजाय स्कूल को पूरी तरह ‘शिक्षक विहीन’ बना दिया, जिससे बच्चों का भारी शैक्षणिक नुकसान हो रहा है। पिछले हफ्ते ही स्कूल समिति ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) और शिक्षा अधिकारी को अल्टीमेटम दिया था, लेकिन नतीजा सिफर रहा।
​प्रदर्शन में ये रहे शामिल:
मंगलवार को हुए इस तालाबंदी आंदोलन का नेतृत्व स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सगीर खान ने किया। इस दौरान सोहेल अहमद, सैय्यद शाहीर, साजीद अली, सालीक अहमद, सैय्यद सद्दाम, शेख अनिस सहित भारी संख्या में बच्चों के माता-पिता और ग्रामीण उपस्थित थे।
​अब देखना यह होगा कि कुंभकर्णी नींद में सोया शिक्षा विभाग इन 85 मासूम बच्चों के भविष्य को लेकर कब जागता है।

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