गिरीश महाजन पर गंभीर आरोप: उन्मेष पाटिल ने कहा — BHR समेत अन्य माध्यमों से भूखंडों का दुरुपयोग कराए गए, जिससे मचा हड़कंप!
ठाकरे गुट के पूर्व सांसद उन्मेष पाटिल ने भाजपा नेता और मंत्री गिरीश महाजन पर जमीन से जुड़ा बड़ा आरोप लगाया है, जिससे राजनीतिक हलचल मच गई है।

महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों पार्थ पवार की जमीन खरीद का मामला चर्चा में है। आरोप है कि कोरेगांव पार्क इलाके में बाजार मूल्य लगभग 1800 करोड़ रुपये की जमीन सिर्फ 300 करोड़ रुपये में खरीदी गई। इस मामले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। इसी बीच शिवसेना (ठाकरे गट) के पूर्व सांसद उन्मेष पाटील ने भाजपा नेता और मंत्री गिरीश महाजन पर जमीन से जुड़ा एक बड़ा आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने विधायक मंगेश चव्हाण पर खनिज चोरी (रेत चोरी) का भी आरोप किया है। इन खुलासों के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।
आख़िर उन्मेष पाटील ने क्या कहा था?”
गिरीश महाजन पर गंभीर आरोप — उन्मेष पाटील बोले, “भूखंड घोटाले का असली मास्टरमाइंड वही है”
📍 स्थान: जलगांव / चाळीसगांव
राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर भूचाल आ गया है। एनसीपी नेता उन्मेष पाटील ने भाजपा नेता और पूर्व मंत्री गिरीश महाजन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भूखंड (जमीन) के मामले में पार्थ पवार ने जो किया, वह तो सिर्फ एक “नमूना” है, जबकि असली “विश्वविद्यालय” यानी बड़ा खेल भाईचंद हिराचंद रायसोनी पतसंस्था (बीएचआर) और अन्य माध्यमों से जमीन लूटने वाले नेता गिरीश महाजन हैं।
उन्मेष पाटील ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
इतना ही नहीं, उन्मेष पाटील ने चाळीसगांव के विधायक मंगेश चव्हाण पर भी गौण खनिज चोरी (रेत, मुरुम आदि की चोरी) के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि चाळीसगांव के एमआयडीसी क्षेत्र में सैकड़ों करोड़ रुपए की खनिज चोरी चव्हाण गुट के माध्यम से की गई है।
उन्होंने सवाल उठाया —
> “अकरवीं-बारहवीं फेल इंसान हजारों करोड़ का मालिक कैसे बन गया? क्या ये पैसा मेहनत से कमाया गया या जनता को लूटकर?”
उन्मेष पाटील ने आगे कहा कि,
“मैं कामों में टक्केवारी (कमीशन) नहीं लेता, लेकिन मंगेश चव्हाण के जरिए चाळीसगांव में लूट मचाई जा रही है। इस सच्चाई को जनता के सामने लाने के लिए हम ‘लूट यात्रा’ निकालने जा रहे हैं।”
उन्होंने मंगेश चव्हाण पर यह भी आरोप लगाया कि वह “पाठ में छुरा घोंपने वाला नेता” है।
“मैं और पारोळा के पूर्व नगराध्यक्ष करण पवार इसके पहले उदाहरण हैं। अब पाचोरा के विधायक किशोर पाटील के मामले में भी उसका असली चेहरा सामने आ गया है,” —
उन्मेष पाटील ने कहा।
👉 उल्लेखनीय है कि उन्मेष पाटील के इन आरोपों के बाद जिले की राजनीति में हलचल मच गई है। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री फडणवीस इन गंभीर आरोपों पर क्या कदम उठाते हैं।




