जलगांव निकाय चुनाव: गिरीश महाजन की पत्नी निर्विरोध निर्वाचित, 27 पार्षदों की जीत पर भी लगी मुहर
महायुति के दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर; 16 नगर परिषदों और 2 नगर पंचायतों के नतीजों का इंतजार

जलगांव:
जलगांव जिले की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद निर्णायक है। जिले की 16 नगर परिषदों और 2 नगर पंचायतों के चुनाव की मतगणना कुछ ही देर में शुरू होने जा रही है। इस चुनावी दंगल में जहां भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के बीच वर्चस्व की जंग दिख रही है, वहीं मंत्री गिरीश महाजन की पत्नी साधना महाजन की निर्विरोध जीत ने भाजपा का उत्साह बढ़ा दिया है।
निर्विरोध चुने गए 27 पार्षद
मतगणना से पहले ही जिले की विभिन्न नगरपालिकाओं में 27 पार्षदों के नाम तय हो चुके हैं। ये उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए हैं, जिन पर आज आधिकारिक मुहर लग जाएगी।
जामनेर: 9 पार्षद (सर्वाधिक)
सावदा और फैजपुर: 5-5 पार्षद
भुसावल: 4 पार्षद
अमलनेर, एरंडोल, रावेर और शेंदुर्णी: 1-1 पार्षद
हाई-प्रोफाइल सीटों पर कड़ा मुकाबला
इस बार के चुनावों में ‘परिवारवाद’ का मुद्दा छाया रहा क्योंकि कई दिग्गज नेताओं की पत्नियां और बेटियां मैदान में हैं:
जामनेर: भाजपा नेता गिरीश महाजन की पत्नी साधना महाजन निर्विरोध नगराध्यक्ष चुनी गई हैं।
भुसावल: मंत्री संजय सावकारे की पत्नी रजनी सावकारे (भाजपा) और शरद पवार गुट की गायत्री भंगाळे के बीच सीधी टक्कर है।
चालीसगांव: भाजपा विधायक मंगेश चव्हाण की पत्नी प्रतिभा चव्हाण का मुकाबला सर्वदलीय गठबंधन की पद्मजा देशमुख से है।
मुक्ताईनगर: शिंदे गुट के विधायक चंद्रकांत पाटिल की बेटी संजना पाटिल और भाजपा की भावना महाजन के बीच मुकाबला है। पाचोरा: विधायक किशोर पाटिल (शिंदे गुट) की पत्नी सुनीता पाटिल और पूर्व विधायक दिलीप वाघ की पत्नी सुचेता वाघ के बीच जोरदार मुकाबला है।
महायुति में ही ‘फ्रेंडली फाइट’
जिले में सत्ताधारी महायुति (भाजपा, शिंदे गुट और अजित पवार गुट) के घटक दल कई जगहों पर आमने-सामने लड़े हैं। मंत्री गिरीश महाजन और संजय सावकारे ने दावा किया है कि अधिकांश सीटों पर भाजपा का परचम लहराएगा। वहीं, पालक मंत्री गुलाबराव पाटील ने शिवसेना (शिंदे गुट) की जीत का भरोसा जताया है।
इन दिग्गजों की साख दांव पर:
केंद्रीय राज्यमंत्री रक्षा खडसे, मंत्री गिरीश महाजन, गुलाबराव पाटील, संजय सावकारे, विधायक मंगेश चव्हाण, चंद्रकांत पाटिल और अनिल पाटिल जैसे बड़े नेताओं की राजनीतिक प्रतिष्ठा इस चुनाव परिणाम पर टिकी है।




