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ऑनलाइन कामों के खिलाफ शिक्षकों ने दिया राज्यव्यापी बहिष्कार का अल्टीमेटम

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          महाराष्ट्र की प्राथमिक शालाओं में शिक्षकों पर थोपे जा रहे ऑनलाइन कार्यों के बोझ से तंग आकर शिक्षक संगठन आक्रामक हो गए हैं। यदि इस जुल्म से मुक्ति न मिली तो राज्यव्यापी बहिष्कार का ऐलान किया गया है। महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षक समिति ने स्कूली शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे को विस्तृत ज्ञापन भेजकर अपनी तीव्र नाराजगी जाहिर की है।’शिक्षकों को पढ़ाने दो और छात्रों को पढ़ने दो’ का नारा देते हुए, प्रशासनिक कामों के लिए शिक्षकों के निजी मोबाइल और समय के दुरुपयोग को रोकने की मांग की गई है। यू-डायस, शालार्थ सिस्टम से लेकर वीएसके के तहत स्मार्ट उपस्थिति और चैटबॉट पर डेटा भरने की अनिवार्यता असहनीय हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की कमी के बावजूद दबाव बन रहा है, जिससे कक्षा पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
   शिक्षकों का अपमान
       शिक्षण का अधिकार कानून को ठेंगा दिखाने वाले निर्णय और निजी ऐप्स का इस्तेमाल शिक्षकों का मनोबल तोड़ रहा है। निजी संस्थाओं के आंकड़े स्कूलों की बदनामी कर रहे हैं, जबकि शिक्षकेतर कर्मचारियों की कमी से बोझ शिक्षकों पर ही है।
               बहिष्कार का अल्टीमेटम
       स्कूल स्तर पर डेटा एंट्री ऑपरेटर की नियुक्ति की मांग दोहराई। प्रशासन से तत्काल चर्चा की चेतावनी दी, वरना ऑनलाइन कामों का बहिष्कार और निजी मोबाइल उपयोग बंद होगा। –
विजय कोम्बे, राजन कोरगावकर, राजेश सावरकर।

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