कैंसर दिवस पर उम्मीद की मिसाल बने फैजपूर के सैय्यद फारूक जलगांव के प्रसिद्ध डॉ. निलेश चांडक के इलाज से मिली नई ज़िंदगी

फैजपूर (ता. यावल) |
आज विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर फैजपूर तालुका यावल के रहने वाले सैय्यद फारूक ने अपने जीवन से जुड़ा एक भावुक और प्रेरणादायक अनुभव साझा किया है। मुंह के कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे सैय्यद फारूक का इलाज जलगांव के मशहूर कैंसर विशेषज्ञ डॉ. निलेश चांडक द्वारा चांडक हॉस्पिटल, जलगांव में किया गया।
सैय्यद फारूक के अनुसार, उन्हें इलाज के दौरान एक-दो नहीं बल्कि चार बार चिकित्सकीय उपचार और मार्गदर्शन मिला, जिसके कारण आज वे पहले से कहीं बेहतर स्वास्थ्य में हैं। कैंसर जैसे डरावने शब्द से घबराने की बजाय सही समय पर सही डॉक्टर तक पहुँचना कितना ज़रूरी है—इसका जीता-जागता उदाहरण सैय्यद फारूक हैं।
कैंसर दिवस पर आभार व्यक्त
कैंसर दिवस के मौके पर सैय्यद फारूक ने डॉ. निलेश चांडक और उनकी पूरी मेडिकल टीम का दिल से आभार व्यक्त करते हुए कहा—
“अगर सही समय पर सही इलाज मिल जाए तो कैंसर भी हार मान लेता है। डॉ. निलेश चांडक ने मुझे सिर्फ इलाज ही नहीं दिया, बल्कि हिम्मत भी दी।”
कैंसर मरीजों से खास अपील
सैय्यद फारूक ने कैंसर से जूझ रहे सभी मरीजों और उनके परिवारजनों से अपील करते हुए कहा कि—
“डर के कारण इलाज टालना सबसे बड़ी गलती होती है। मैं सभी कैंसर मरीजों से निवेदन करता हूं कि कम से कम एक बार जलगांव के डॉ. निलेश चांडक से जरूर सलाह लें या उनसे मुलाकात करें।”
उम्मीद और जागरूकता का संदेश
विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर सैय्यद फारूक की यह कहानी न सिर्फ कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाती है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि समय पर इलाज, अनुभवी डॉक्टर और सकारात्मक सोच से कैंसर को मात दी जा सकती है।

