शिक्षा सुधार की दिशा में बड़ा कदम: महाराष्ट्र में कक्षा 2 से 4 तक लागू होगा नया पाठ्यक्रम, 4 मई से शिक्षकों का प्रशिक्षण अभियान शुरू
[विशेष रिपोर्ट - समाज सेवा न्यूज़]

मुंबई: राज्य में स्कूली शिक्षा को अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राज्य शैक्षणिक संशोधन व प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 से कक्षा दूसरी, तीसरी और चौथी के विद्यार्थियों के लिए नया पाठ्यक्रम लागू किया जा रहा है। इस बदलाव को प्रभावी ढंग से कक्षा तक पहुँचाने के लिए SCERT ने प्रदेश भर के शिक्षकों के लिए एक व्यापक और अनिवार्य प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया है।
15 जून से पहले तैयारी पूरी करने का लक्ष्य
आगामी 15 जून 2026 से नया शैक्षणिक वर्ष शुरू होने जा रहा है। शासन का मुख्य उद्देश्य यह है कि नए सत्र के आगाज से पूर्व सभी शिक्षक नए पाठ्यक्रम को पूरी तरह समझ लें, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। इसके लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण में उपस्थित रहना अनिवार्य कर दिया गया है।
तीन चरणों में होगा प्रशिक्षण
प्रशिक्षण की प्रक्रिया राज्य, जिला और तालुका स्तर पर तीन चरणों में पूरी की जाएगी:
राज्य स्तरीय प्रशिक्षण: 4 से 7 मई 2026 के बीच मराठी और उर्दू माध्यम के शिक्षकों के लिए आयोजित होगा।
जिला स्तरीय प्रशिक्षण: 11 से 14 मई 2026 तक मराठी और अन्य माध्यमों के लिए होगा। (उर्दू माध्यम के लिए प्रशिक्षण राज्य और जिला स्तर तक ही सीमित रहेगा)।
तालुका स्तरीय प्रशिक्षण: 18 से 30 मई 2026 के बीच आयोजित किया जाएगा।
प्रशिक्षण की अवधि और उद्देश्य
कक्षा दूसरी के शिक्षकों के लिए 3 दिन और कक्षा तीसरी व चौथी के शिक्षकों के लिए 4 दिन का प्रशिक्षण निर्धारित किया गया है। SCERT के सह-संचालक ने सभी प्रादेशिक विद्या प्राधिकरण और DIET को निर्देश दिए हैं कि वे जिला स्तरीय सुलभकों (Facilitators) की सूची तुरंत उपलब्ध कराएं।
इस प्रशिक्षण का मुख्य लक्ष्य यह है कि जब शिक्षक नई किताबें लेकर कक्षा में जाएं, तो उन्हें अध्यापन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े और शिक्षण कार्य सरल व रोचक बना रहे।
शिक्षा के क्षेत्र में यह बदलाव विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा।




