क्राइम

कैप्टन भोंदूबाबा अशोक खरात का ‘पापलोक’: केबिन में 150 महिलाओं का यौन शोषण, SIT की रेड से मचा हड़कंप!

नासिक:
खुद को ‘कैप्टन’ बताने वाले ढोंगी बाबा अशोक खरात के काले कारनामों की परतें अब तेजी से खुलने लगी हैं। नासिक के कनाडा कॉर्नर स्थित उसके आलीशान दफ्तर ‘ओकस प्रॉपर्टीज’ में आज जब SIT (विशेष जांच दल) और फॉरेंसिक टीम पीड़िता को लेकर पहुंची, तो वहां के मंजर ने सबको झकझोर कर रख दिया।
घटनास्थल पर क्राइम सीन का री-क्रिएशन
SIT की टीम आज फिर से ओकस प्रॉपर्टीज के उसी केबिन में पहुंची, जहाँ अशोक खरात ने महिलाओं की मजबूरी का फायदा उठाकर उनका शिकार किया था।
शिनाख्त:
पीड़ित महिला को साथ लेकर पुलिस ने उस जगह की पहचान की जहाँ यौन शोषण को अंजाम दिया गया।
​सीरियल शोषण:
जांच में सामने आया है कि खरात ने इसी ऑफिस के केबिन में 150 से अधिक महिलाओं का यौन शोषण किया है।
​सबूतों की तलाश:
फॉरेंसिक टीम ने ऑफिस से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं ताकि कोर्ट में खरात के खिलाफ शिकंजा कसा जा सके।
कोडवर्ड में 2500 नंबर:
मोबाइल खोल रहा है राजपुलिस ने अशोक खरात का लैपटॉप, मोबाइल और कई गोपनीय दस्तावेज जब्त किए हैं। खरात के मोबाइल ने जांच
टीम के होश उड़ा दिए हैं:
​”खरात के मोबाइल में 2500 से ज्यादा फोन नंबर ‘कोडवर्ड’ में सेव हैं। पुलिस अब इन कोड्स को डिकोड करने में जुटी है ताकि यह पता चल सके कि उसके इस ‘पाप के साम्राज्य’ में और कौन-कौन शामिल था।”
​💰 आर्थिक साम्राज्य पर भी प्रहार
यौन शोषण के साथ-साथ यह मामला करोड़ों की धोखाधड़ी का भी है। SIT ने अब खरात के आर्थिक तंत्र पर नकेल कसनी शुरू कर दी है:
अकाउंट फ्रीज:
उसकी संस्था ‘शिवानिका’ के सभी बैंक खाते सील कर दिए गए हैं। ​संपत्ति की जांच: खरात और उसके परिवार के नाम पर दर्ज जमीन, मकान और दुकानों का ब्योरा खंगाला जा रहा है। ​बढ़ती कस्टडी: कोर्ट ने अशोक खरात की पुलिस कस्टडी 1 अप्रैल तक बढ़ा दी है।
​जांच का दायरा और बढ़ेगा?
जैसे-जैसे नई पीड़ित महिलाएं सामने आ रही हैं, इस मामले की भयावहता बढ़ती जा रही है। पुलिस को शक है कि इस ‘भोंदूबाबा’ के पीछे एक बड़ा रैकेट काम कर रहा था। कस्टडी के दौरान होने वाली पूछताछ में कई रसूखदार चेहरों के बेनकाब होने की संभावना है।
​अब 1 अप्रैल तक का वक्त खरात के ‘गुनाहों के साम्राज्य’ की ईंट से ईंट बजाने के लिए काफी होगा!

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